Sunday, October 17, 2021

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मद्रास हाईकोर्ट में शिक्षा को समवर्ती सूची में डालने को चुनौती, केंद्र को नोटिस

मद्रास हाईकोर्ट ने शिक्षा को राज्य सूची से संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची में स्थानांतरित करने को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मद्रास हाईकोर्ट ने पूछा है कि...

तमिलनाडु ने जनसंख्या वृद्धि नियंत्रित की और लोकसभा में दो सीटें कम हो गयीं!

क्या जनसंख्या नियंत्रण करना गुनाह है? बहुमत की शासन प्रणाली में वे राज्य और वे जातिगत समूह जो परिवार नियोजन अपना कर अपनी संख्या सीमित कर रहे हैं, जनसंख्या घटा रहे हैं वे एक व्यक्ति एक वोट के आधार...

पिंजरे का तोता सीबीआई को स्वायत्त बनाये केंद्र सरकार: मद्रास हाईकोर्ट

आठ साल से उच्चतम न्यायालय के स्टे पर चल रहे सीबीआई पर मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पिंजरे का तोता सीबीआई को रिहा करो, सीबीआई केवल संसद को रिपोर्ट करने वाला...

कार्यपालिका कर रही है न्यायिक आदेशों की अनदेखी

जस्टिस डिलीवरी सिस्टम की स्थिति बहुत गम्भीर है। बात सिर्फ आलोचना की नहीं है बल्कि न्यायपालिका के शीर्ष पर बैठे विद्वान एवं माननीय न्यायमूर्तियों के लिए गम्भीर चिंता और मनन का विषय है कि क्या कार्यपालिका कोर्ट के निर्णयों...

पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रथमदृष्ट्या हत्या के मुकदमे के लिए पर्याप्त सामग्री: मद्रास हाईकोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने प्रकाश कदम बनाम रामप्रसाद विश्वनाथ गुप्ता, 2011 में व्यवस्था (रूलिंग) दिया था कि फर्ज़ी मुठभेड़ के दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों को मौत की सज़ा दी जानी चाहिए। इसे दुर्लभतम मामला माना जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने...

मद्रास हाईकोर्ट ने रद्द किए एन राम और सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ दायर मानहा‌नि के मामले

एक ऐतिहासिक फैसले में मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि लोक सेवकों और संवैधानिक पदाधिकारियों को राज्य द्वारा प्रतिकूल परिस्थितियों में मानहानि की कार्यवाही शुरू करने के लिए एक उपकरण के रूप में दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं...

प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा आंध्र, मद्रास, गुजरात और कर्नाटक हाईकोर्टों को दिख रही पर सुप्रीम कोर्ट को नहीं

एक ओर उच्चतम न्यायालय है जिसे कोरोना संकट के दौर में ऐसा प्रतीत होता है कि जो मोदी सरकार कर रही है वो ठीक है, इसमें न्यायपालिका के हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। यहाँ तक कि उच्चतम न्यायालय...

पेरियार के जन्मदिन पर विशेष: संविधान में सुरक्षित है ‘ईश्वर नहीं है’ कहने का अधिकार

क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार महज आस्थावानों के लिए ही लागू होता है? कभी कभी साधारण से प्रश्न का उत्तर पाने के लिए भी अदालती हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है। मद्रास उच्च न्यायालय की - न्यायमूर्ति एस मनिकुमार और...

ज्यूडिशियरी के इतिहास में जुड़ गया एक और काला पन्ना, जस्टिस ताहिलरमानी ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। न्यायपालिका के इतिहास में 6 सितंबर को एक और काला पन्ना जुड़ गया। और इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायिक संस्था के सरकार के सामने निर्लज्ज समर्पण का चक्र भी पूरा हो गया। दिलचस्प बात यह है कि यह सब...
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700 शहादतें एक हत्या की आड़ में धूमिल नहीं हो सकतीं

11 महीने पुराने किसान आंदोलन जिसको 700 शहादतों द्वारा सींचा गया व लाखों किसानों के खून-पसीने के निवेश को...
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