प्रेमचंद ऐसे लेखक हैं जिनकी याद बराबर आती है तब जब किसी गरीब के शोषण की दास्तान… Read More
Premchand
प्रगतिशील साहित्य ‘विज्ञान से प्रेम’ और ‘कला जनता के लिए’ इन दो सिद्धन्तों को मिलाकर चलता है।… Read More
हिंदी विश्वविद्यालय इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां प्रेमचंद की जयंती पर महज अभिवादन… Read More
जिस समय प्रेमचंद ने लिखना शुरू किया, वह भारत के इतिहास का एक संक्रमणकाल था। एक ओर… Read More
शायद आज़ादी के बाद यह पहला अवसर है जब संसद के भीतर और बाहर देश के जाति… Read More
इंदौर। प्रगतिशील लेखक संघ की इंदौर इकाई ने अपना स्थापना दिवस फिलिस्तीनी जनता के संघर्ष के नाम… Read More
9 अप्रैल, प्रगतिशील लेखक संघ का स्थापना दिवस है। साल 1936 में इसी तारीख को लखनऊ के… Read More
इंदौर। आजादी के पहले का हिंदुस्तान समझने के लिए प्रेमचंद को पढ़ना जरूरी है। अंग्रेजों और उनसे… Read More
जिस ऐतिहासिक कार्यसूची के इर्द गिर्द 19वीं 20वीं सदी के भारतीय नवजागरण का नक्शा उभर कर सामने… Read More
क्या देश में हिंदुत्व नव-राष्ट्रवाद समग्र भारत का ‘स्थायी भाव व चरित्र’ बन चुका है? क्या हिंदी भारत में राजनैतिक हिंदुत्व उफान को… Read More