Friday, July 1, 2022

जयसिंह रावत

उत्तराखण्ड में नागरिक संहिता, महज धामी का खयाली पुलाव

उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट ने अपनी पहली ही बैठक में पहला प्रस्ताव पारित कर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान कर दिया। यह वायदा मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता...

धामी को अपनी ही घोषणाओं का बोझ चैन से रहने नहीं देगा

उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव हारने के बावजूद पार्टी नेतृत्व का विश्वास जीत कर प्रदेश की सत्ता की बागडोर दुबारा हासिल तो कर ली है, लेकिन उनके सामने अब उस विश्वास को कायम रखने के...

करारी हार के बाद उत्तराखण्ड कांग्रेस में घमासान: पार्टी प्रभारी यादव निशाने पर

विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद उत्तराखण्ड कांग्रेस की रार खुल कर सामने आने लगी है। इस हार के लिये एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने के साथ ही आरोपों के छींटे पार्टी प्रभारी देवेन्द्र यादव के दामन तक...

उत्तराखण्ड में मोदी मैजिक और साम्प्रदायिक एजेंडा काम आ गया भाजपा के

उत्तराखण्ड की जनता द्वारा बारी-बारी से सरकार बदलने का मिथक इस बार टूटता नजर आ रहा है। इसके लिये प्रदेश में एक बार फिर मोदी मैजिक कारगर हो रहा है। अब तक के रुझानों में सत्तारूढ़ भाजपा विपक्षी कांग्रेस...

मनोरंजन से ज्यादा कुछ नहीं है एग्जिट पोल का महत्व

आम आदमी की राजनीति और आने वाली सरकार के प्रति बढ़ती जा रही रुचि के कारण अब मीडिया हाउसों के लिये एग्जिट पोल भी मतगणना के समान ही जरूरी हो गये हैं। इसीलिये मतदान समाप्त होते ही एग्जिट पोल...

उत्तराखण्ड चुनाव: बहुमत आने पर भी सत्ता की गारंटी नहीं

उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले पार्टियों की जीत हार के बजाय अगली सरकार को लेकर चर्चा तेज हो गयी है। चर्चा यह भी है कि वोटों की गिनती में चाहे जो भी आगे हो मगर सरकार उसी...

उत्तराखण्ड में 94 हजार फौजी वोट पलट सकते हैं चुनावी बाजी

उत्तराखण्ड विधानसभा के चुनाव में सत्ता विरोधी और हिन्दूवादी मोदी लहर के बीच हुई जबरदस्त टक्कर के कारण प्रत्याशियों की हार-जीत का अंतर कम होने की संभावना के चलते इस बार पड़े 53 लाख से अधिक मतों पर महज...

समान नागरिक संहिता: जो काम मोदी-शाह न करा पाये वह धामी करेंगे

भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान शासनकाल के मुख्यमंत्रियों ने अपने ऊल-जुलूल बयानों से अपनी जग हंसाई कराने के साथ ही गोविन्द बल्लभ पंत, हेमवती नन्दन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी जैसे राजनीति के शिखर पुरुषों की जन्मभूमि उत्तराखण्ड की...

उत्तराखण्ड में भाजपा की हार का महंगाई होगा सबसे बड़ा कारण

उत्तराखण्ड में अगर इस विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन होता है तो इसके लिये सबसे अधिक जिम्मेदार महंगाई ही होगी। यद्यपि चुनाव में किसी भी पार्टी की हार या जीत के लिये कई कारण जिम्मेदार होते हैं, लेकिन अगर...

हुआ था ऑल वेदर रोड का वादा, मिला नो रोड

उत्तराखण्ड में मतदान का काम 14 फरवरी को 6 बजे तक संपन्न हो गया था, लेकिन 15 फरवरी को सुबह 9 बजे तक भी लगभग 40 पोलिंग पार्टियां मतपेटियों को लेकर जिला मुख्यालयों पर नहीं लौट पायीं थीं। जबकि...

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