Monday, January 24, 2022

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कश्मीरी पत्रकार आसिफ सुल्तान की रिहाई के लिए लेखकों, पत्रकारों और अकादमीशियनों ने पीएम को लिखा खत

(लोकतंत्र तो पूरे देश में नाजुक हालत में है लेकिन कश्मीर की घाटी में यह मृत प्राय हो चुका है। आम नागरिक की बात तो दूर पत्रकारों और समाज के प्रतिष्ठित हिस्से तक को न्यूनतम नागरिक अधिकार मयस्सर नहीं...

क्यों सोशल साइट्स पर श्रद्धांजलि देने को उतावले रहते हैं हिन्दी के लेखक और कवि?

क्या हिन्दी के लेखक व कवि सोशल साइट्स पर श्रद्धांजलि देने के लिए उतावले रहते हैं? बेशक हाँ! मेरे एक कवि मित्र ने मुझे बताया कि हिन्दी के कई लेखक व कवि बहुत सारे वृद्ध प्रसिद्ध व्यक्तियों के संस्मरण...

शोभा सिंह को मिला पहला ‘पथ के साथी’ सम्मान

नई दिल्ली। सिद्धान्त फाउंडेशन की ओर से वर्ष 2020 का पहला 'पथ के साथी' सम्मान कवि-कथाकार और संस्कृतिकर्मी शोभा सिंह को दिया जाएगा। सिद्धान्त फाउंडेशन की स्थापना साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में सकारात्मक हस्तक्षेप के उद्देश्य से वर्ष...

लेखक, कवि और एक्टिविस्ट वरवर राव को बेहोश होने के बाद जेल से अस्पताल में भर्ती कराया गया

नई दिल्ली। लेखक, एक्टिविस्ट और कवि वरवर राव को मुंबई के तलोजा जेल से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। 79 वर्षीय वरवर राव को कल रात जेजे अस्पताल में उस समय भर्ती कराना पड़ा जब वह अचानक बेहोश...

जवाहरलाल नेहरू, एक विज़नरी लीडर

पंडित जवाहर लाल नेहरु की आज पुण्यतिथि है। नेहरु का स्मरण इसलिए भी जरूरी है, हम उन मूल्यों को याद कर सकें जो एक दौर में भारत के ह्रदय में धडकते थे। पंडित नेहरु का पूरा जीवन आधुनिक भारत...

‘कुछ अधूरा छूट गया था तुम्हारे साथ जिसकी टीस हमेशा रहेगी’

(पत्रकार और कहानीकार शशिभूषण द्विवेदी का कल दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह अभी महज 45 साल के थे। खबर के आते ही पत्रकार और साहित्यक बिरादरी में शोक की लहर छा गयी। शशिभूषण आजकल कादंबिनी...

पुण्यतिथि पर विशेष: आधुनिक रंग समीक्षा के बेताज बादशाह थे नेमिचंद जैन

नेमिचंद जैन हिन्दी साहित्य में अकेली ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने जिंदगी के मंच पर कवि-साहित्यालोचक-नाट्य आलोचक-अनुवादक-पत्रकार और संपादक जैसे मुख्तलिफ किरदारों को एक साथ बखूबी निभाया। जिस क्षेत्र में भी वे गए, उन्होंने उसे अपना बना लिया। उस पर...

सचमुच का बरगद

10 मार्च को हिंदी प्रकाशन की दुनिया में सामाजिक विज्ञान के अनन्य प्रकाशन ग्रंथ शिल्पी के संचालक श्याम बिहारी राय की सक्रियता पर विराम लग गया । हिंदी प्रकाशन में साहित्य के अतिरिक्त कुछ भी स्तरीय देखना जब असम्भव...

पुस्तक मेले में राष्ट्रगान के दौरान ‘राष्ट्रवादी’ चिल्लाते रहे ‘मोदी-मोदी’

रविवार को पुस्तक मेले का आखिरी दिन था। कुछ साहित्यकार और रंगकर्मियों ने मिलकर पुस्तक मेले के आखिरी दिन एनआरसी-सीएए के खिलाफ़ कालीपट्टी बांधकर कविता और जनगीत पढ़ने तथा संविधान की प्रस्तावना का पाठ करने का आयोजन किया। हॉल...

गांधी की जड़ों को खोजने की नई कोशिश का नाम है “हिन्द स्वराज: नव सभ्यता विमर्श”

जब आप एक पाठक के रूप में कोई पुस्तक उठाते हैं तब आप अपने आस-पास एक क्लास रूम बनाते हैं। आप छात्र बन जाते हैं। लेखक आपको जानकारियों की दुनिया में ले जा रहा होता है। आपका ध्यान कभी गहरा होता है...
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कब बनेगा यूपी की बदहाली चुनाव का मुद्दा?

सोचता हूं कि इसे क्या नाम दूं। नेताओं के नाम एक खुला पत्र या रिपोर्ट। बहरहाल आप ही तय...
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