society

पुस्तक समीक्षा: समतावादी आंदोलनों को नई ऊर्जा देने की कोशिश

हमारी सभ्यता अपनी कालगणना में जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का विमर्श… Read More

भारतीय समाज व सत्ता के लोकतांत्रिक होने की चुनौतियां और सामाजिक न्याय का सवाल

हमारे समाज और साहित्य में समता और सामाजिक न्याय के विचारों और मूल्यों की मौजूदगी काफी पहले… Read More

गाजियाबाद: उर्दू अध्यापक से जयश्रीराम बोलने के लिए कहा, इंकार करने पर सोसाइटी में नहीं घुसने दिया

नई दिल्ली। गाजियाबाद स्थित क्रासिंग रिपब्लिक सोसाइटी में एक उर्दू अध्यापक को जयश्रीराम का नारा लगाने के… Read More

हे राजनीति के पुरुषोत्तम गद्दी बचा रहे हैं या रद्दी बचा रहे हैं! 

नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी के साथ अ-सहज हो गये थे। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का… Read More

पुस्‍तक समीक्षा: वर्तमान संदर्भ में क्‍या हैं धर्म, समाज और संस्‍कृति के निहितार्थ ?

किसी भी देश में जो मौजूदा समाज व्‍यवस्‍था होती है उसी जड़ें वहां के धर्म और संस्‍कृति… Read More