रामशरण जोशी

आपातकाल की पूर्व संध्या: तब की घोषित और आज़ की अघोषित इमरजेंसी, कौन सही-कौन ग़लत?

“सरकार के अवैध व अनैतिक आदेशों का पालन पुलिस, सेना और सरकारी अधिकारी व कर्मचारी न करें”, जयप्रकाश… Read More

क्या मोदी-शाह जोड़ी की सट्टा बाजार में नियोजन की सलाह जनविरोधी है?

पहले चंद बुनियादी सवाल: कांग्रेस नेता ने कल शाम प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री… Read More

लोकसभा चुनाव: संघ-भाजपा और कॉर्पोरेट हाउस के लिए ‘मोदी ब्रांड’ अब ‘एक्सपायरी’ में तब्दील !

एक जून की शाम से एक्जिट पोल के परिणाम आने लगेंगे। उस दिन कुछ अंदाज़ लग सकता है… Read More

पुण्यतिथि विशेष: क्या नेहरू ने स्वयं को कभी अजैविक और ईश्वर दूत कहा था?

“सभ्यता का क्षय बाहरी आक्रमण के बनिस्पत उसकी आंतरिक विफलताओं से अधिक होता है।” (डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया,… Read More

राजीव गांधी के शहादत दिवस पर: 21 मई की वो मनहूस रात; 19 मई का लास्ट सपर; पटाक्षेप ‘मिसफिट  प्रधानमंत्री’ का!

1991 की मई की गर्मियां थीं। 2024 की मई की ही तरह चुनावी मौसम था। देश का… Read More

मेरा गांव-मेरा देश: मध्ययुगीन मानसिकता व अधकचरा आधुनिकीकरण; दलित बस्तियां-दिल्ली और बसवा में!

स्मृतियों में गांव का निवास हमेशा ही रहा। कभी इसका विस्थापन नहीं हुआ। मेरा भौगोलिक विस्थापन ज़रूर हुआ… Read More

लंदन से बसवा तक: कबीलाई चेतना की लहर; पाकिस्तान की त्रासदी और इंग्लैंड का जीवंत लोकतंत्र !

“ प्रोफेसर आरिफ, आज शाम को ज़रूर तशरीफ़ लाएं। हमारे कबीले के मेहमान जनाब रामशरण जोशी दिल्ली… Read More